भूमिका
रेडियो संचार आज के समाज में रोजमर्रा की जिन्दगी का एक हिस्सा है। सभी रेडियो संचार प्रणाली ईएमएफ का विद्युतचुम्बकीय स्पैक्ट्रम के रेडियो आवृत्ति भाग के रूप में प्रयोग करती हैं। रेडियो संचार से उत्पन्न ईएमएफ (EMF) का स्तर बहुत कम है और जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों से बहुत नीचे है।
रेडियो आवृत्ति प्रौद्योगिकी का संचार प्रणाली में उपयोग/ कौनसे संचार तंत्र रेडियो आवृत्ति का प्रयोग करते हैं ?
रेडियो आवृत्ति प्रौद्योगिकी का प्रयोग निम्न द्वारा किया जाता है
- टी.वी. और एएम/एफएम के प्रसारण हेतु।
- मेबाइल फोन और उनके बेस स्टेशनों में।
- वायरलेस ब्रॉडबैंड में।
- रेडियो पेजिंग सेवाओं में।
- तार रहित फोन में।
- बेबी मॉनिटर में।
- आपातकालीन संचार सेवाओं (पुलिस, आग, एम्बुलेंस) में।
- हवाई यातायात को नियंत्रित करने में।
ट्रांसमीटर पावर की तुलना कैसे की जाती है?
उच्च पावर सिस्टम का प्रयोग टेलीविजन और रेडियो के प्रसारण के लिए किया जाता है जोकि आमतौर पर उच्चस्थान पर स्थित एकल ट्रांसमिटिंग टॉवर द्वारा होता है।
मध्यम पावर सिस्टम का प्रयोग टू वे (दो तरफा) संचार, विशिष्ट रूप से रिपीटर टॉवर से लेकर व्हीकल रेडियो सिस्टम जैसे आपातकालीन सेवाओं के लिए किया जाता है।
निम्नपावर सिस्टम का प्रयोग मोबाइल संचार के लिए किया जाता है जोकि प्रसारण साईट के नेटवर्क जैसे मोबाइल फोन बेस स्टेशनों पर निर्भर करता है।
पर्यावरणीय या बैकग्राउंड ईएमएफ लेवल कम्यूनिटी में कितना प्रभावशाली है?
विशिष्ट (Typical) कम्यूनिटी में, टेलीविजन प्रसारण और रेडियो सिग्नल की क्षमता, मोबाइल फोन नेटवर्क और अन्य से उत्सर्जित सिग्नलों, दो तरफा संचार सिस्टम से उत्सर्जित सिग्नल के समान होती है। ये सिग्नल कुल मिलाकर बहुत कम और जारी किये गये सुरक्षा दिशा-निर्देशों से काफी नीचे होते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बेतार सिस्टम द्वारा बैकग्राउंड ईएमएफ के स्तर की समीक्षा की है और कहा,
“हाल ही के सर्वेक्षण बताते हैं कि बेस स्टेशनों का आरएफ़ एक्सपोजर अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, अन्य विभिन्न कारकों जैसे एंटेना की निकटता और आसपास के वातावरण पर निर्भर होते हुए भी 0.002% से 2% तक के स्तर तक रहता है । यह रेडियो या टेलीविजन ब्रॉडकास्ट ट्रांसमीटर के आर एफ (RF) एक्सपोजर से कम या तुलनीय होता है”।
विशेष रूप से, सार्वजनिक क्षेत्रों में ईएमएफ (EMF) के स्तर के बारे में डब्ल्यूएचओ (WHO) कहता है,
‘‘हाल ही के सर्वे दर्शाते हैं कि सार्वजनिक अभिगम्य क्षेत्रों (स्कूल, अस्पताल आदि को सम्मिलित करते हुए) में बेस स्टेशनों और बेतार प्रौद्योगिकियों से आरएफ एक्सपोजर सामान्यतः अंतर्राष्ट्रीय मानकों से हजार गुणा कम होता है”।
स्पैक्ट्रम आलेख द्वारा एक कम्यूनिटी में विशिष्ट (Typical) रेडियो संचार दर्शाया गया है।
यह चित्र स्पैक्ट्रम विश्लेषक (विशिष्ट रेडियो मापन उपकरण) द्वारा आलेखित है जो कि विशिष्ट (Typical) कम्यूनिटी में मापे गये विभिन्न रेडियो संचार सिग्नल को दर्शाता है। यह आलेख एक स्थान पर विद्यमान विशिष्ट (Typical) रेडियो संचार सिग्नल को दर्शाने और सिग्नल लेवल की तुलना के लिए लिया गया है।
आलेख पर रेडियो सेवाओं के प्रकार, क्षैतिज अक्ष के साथ दर्शाई गई है और डीबीएम में सिग्नल लेवल (1मिली वाट के स्तर के सापेक्ष) बायें अक्ष की तरफ दर्शाया गया है।
सिवाय सापेक्ष स्तर को दिखाने के, यूनिट यहां महत्वपूर्ण नहीं है। चित्र यह भी दर्शाता है कि किस तरह बहुत सारी रेडियो सेवाओं का उपयोग एक विशिष्ट (Typical) कम्यूनिटी में किया जाता है।
रेडियो संचार और ईएमएफ सुरक्षा पर कितनी रिसर्च की जा चुकी है?
रेडियो संचार और बेतार प्रौद्योगिकियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सम्भाव्य प्रभावों का पता लगाने के लिए विश्वभर में अनेक रिसर्च की जा चुकी हैं।
रेडियो फ्रीक्वेंसी एक्सपोज़र एवं वायरलेस तकनीक और स्वास्थ्य के संबंध में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सामान्य निष्कर्ष निकाला है:
“वर्तमान समय तक हुए व्यापक शोध के बावजूद, इस बात के निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाला कोई प्रमाण नहीं है कि निम्न स्तर के इलेक्ट्रोमग्नेटिक फील्ड के उत्पन्न एक्सपोजर, मानव स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है" ।
स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का सारांश - मुख्य बिंदु 6
http://www.who.int/peh-emf/about/WhatisEMF/en/index1.html
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कहता है,
"स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार से नुकसानदेह प्रभाव डाले बिना, रेडियो और टेलीविज़न प्रसारण स्टेशन पिछले 50 या अधिक वर्षों से कार्य कर रहे हैं"।
विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र और जन स्वास्थ्य – फ़ैक्ट शीट सं. 304
Link
GSMA से Mobile Communications & Health Booklet डाउनलोड करें ।